Forwarded from 𝐌𝐨𝐭𝐢𝐯𝐚𝐭𝐢𝐨𝐧𝐚𝐥 𝐐𝐮𝐨𝐭𝐞𝐬
वरदान मांगूंगा नहीं
यह हार एक विराम है
जीवन महासंग्राम है
तिल-तिल मिटूँगा पर दया की भीख मैं लूँगा नहीं ।
वरदान माँगूँगा नहीं ।।
स्मृति सुखद प्रहरों के लिए
अपने खण्डहरों के लिए
यह जान लो मैं विश्व की सम्पत्ति चाहूँगा नहीं ।
वरदान माँगूँगा नहीं ।।
क्या हार में क्या जीत में
किंचित नहीं भयभीत मैं
संघर्ष पथ पर जो मिले यह भी सही वह भी सही ।
वरदान माँगूँगा नहीं ।।
लघुता न अब मेरी छुओ
तुम हो महान बने रहो
अपने हृदय की वेदना मैं व्यर्थ त्यागूँगा नहीं ।
वरदान माँगूँगा नहीं ।।
चाहे हृदय को ताप दो
चाहे मुझे अभिशाप दो
कुछ भी करो कर्त्तव्य पथ से किन्तु भागूँगा नहीं ।
वरदान माँगूँगा नहीं ।।
~ शिवमंगल सिंह सुमन
>कवि जीवन को एक महासंग्राम मानता है और हार को केवल एक ठहराव। वह किसी भी परिस्थिति में स्वाभिमान व आत्मसम्मान को बनाए रखने का संकल्प लेता है, और दुख व संघर्ष के सामने भीख नहीं मांगेगा, बल्कि अपनी वेदना को स्वयं ही सहर्ष स्वीकार करेगा और संघर्ष पथ पर आगे बढ़ता रहेगा।
#atabyazzz
#poetry
©शिवमंगल सिंह सुमन
यह हार एक विराम है
जीवन महासंग्राम है
तिल-तिल मिटूँगा पर दया की भीख मैं लूँगा नहीं ।
वरदान माँगूँगा नहीं ।।
स्मृति सुखद प्रहरों के लिए
अपने खण्डहरों के लिए
यह जान लो मैं विश्व की सम्पत्ति चाहूँगा नहीं ।
वरदान माँगूँगा नहीं ।।
क्या हार में क्या जीत में
किंचित नहीं भयभीत मैं
संघर्ष पथ पर जो मिले यह भी सही वह भी सही ।
वरदान माँगूँगा नहीं ।।
लघुता न अब मेरी छुओ
तुम हो महान बने रहो
अपने हृदय की वेदना मैं व्यर्थ त्यागूँगा नहीं ।
वरदान माँगूँगा नहीं ।।
चाहे हृदय को ताप दो
चाहे मुझे अभिशाप दो
कुछ भी करो कर्त्तव्य पथ से किन्तु भागूँगा नहीं ।
वरदान माँगूँगा नहीं ।।
~ शिवमंगल सिंह सुमन
>कवि जीवन को एक महासंग्राम मानता है और हार को केवल एक ठहराव। वह किसी भी परिस्थिति में स्वाभिमान व आत्मसम्मान को बनाए रखने का संकल्प लेता है, और दुख व संघर्ष के सामने भीख नहीं मांगेगा, बल्कि अपनी वेदना को स्वयं ही सहर्ष स्वीकार करेगा और संघर्ष पथ पर आगे बढ़ता रहेगा।
#atabyazzz
#poetry
©शिवमंगल सिंह सुमन
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मधुशाला_हरिवंश_राय_बच्चन.pdf
6.4 MB
मधुशाला – हरिवंश राय ‘बच्चन’
#HarivanshRaiBachchan #Poetry
लाल सुरा की धार लपट-सी कह न इसे देना ज्वाला,
फेनिल मदिरा है, मत इसको कह देना उर का छाला,
दर्द नशा है इस मदिरा का विगतस्मृतियाँ साक़ी हैं,
पीड़ा में आनंद जिसे हो, आए मेरी मधुशाला।
#HarivanshRaiBachchan #Poetry
लाल सुरा की धार लपट-सी कह न इसे देना ज्वाला,
फेनिल मदिरा है, मत इसको कह देना उर का छाला,
दर्द नशा है इस मदिरा का विगतस्मृतियाँ साक़ी हैं,
पीड़ा में आनंद जिसे हो, आए मेरी मधुशाला।
बेख़ुदी ले गयी कहाँ हम को
देर से इंतज़ार है अपना
रोते फिरते हैं सारी सारी रात
अब यही रोज़गार है अपना
दे के दिल हम जो हो गए मजबूर
इस में क्या इख़्तियार है अपना
जिस को तुम आसमान कहते हो
सौ दिलों का ग़ुबार है अपना
~ मीर तक़ी मीर
#MirTaqiMir #Ghazal #Poetry
देर से इंतज़ार है अपना
रोते फिरते हैं सारी सारी रात
अब यही रोज़गार है अपना
दे के दिल हम जो हो गए मजबूर
इस में क्या इख़्तियार है अपना
जिस को तुम आसमान कहते हो
सौ दिलों का ग़ुबार है अपना
~ मीर तक़ी मीर
बेख़ुदी - बेख़बरी, आत्मविस्मृति
इख़्तियार - अधिकार, क़ाबू, प्रभुत्व
#MirTaqiMir #Ghazal #Poetry
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कुछ लोग तुम्हें समझाएँगे
वो तुम को ख़ौफ़ दिलाएँगे
जो है वो भी खो सकता है
इस राह में रहज़न हैं इतने
कुछ और यहाँ हो सकता है
कुछ और तो अक्सर होता है
पर तुम जिस लम्हे में ज़िंदा हो
ये लम्हा तुम से ज़िंदा है
ये वक़्त नहीं फिर आएगा
तुम अपनी करनी कर गुज़रो
जो होगा देखा जाएगा
~ फ़हमीदा रियाज़
#FahmidaRiaz #Nazm #Poetry
वो तुम को ख़ौफ़ दिलाएँगे
जो है वो भी खो सकता है
इस राह में रहज़न हैं इतने
कुछ और यहाँ हो सकता है
कुछ और तो अक्सर होता है
पर तुम जिस लम्हे में ज़िंदा हो
ये लम्हा तुम से ज़िंदा है
ये वक़्त नहीं फिर आएगा
तुम अपनी करनी कर गुज़रो
जो होगा देखा जाएगा
~ फ़हमीदा रियाज़
#FahmidaRiaz #Nazm #Poetry
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#poetry_#urdupoetry_#shayari_#rekhta_#rakhshabandan_#rakshabandhanspecial.webm
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सुपर्ब 👌 👌 👌 👌
Happy rakshabandhan to all my lovely friends
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