No Document No History
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🏛️NO DOCUMENT NO HISTORY🏛️
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No Document No History
Some Ancient Cities of India -Stuart Piggott.pdf
Digital Rare Book:
Some Ancient Cities of India
-Stuart Piggott
First Published: 1945
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इस बुक की पीडीएफ मिलेगी किसी के पास
Forwarded from ऐतिहासिक तथ्य 📖✍️ (Roshni Pareek)
‘सहभोजन’ - सावरकर द्वारा एक अन्य प्रमुख अभियान।

पहला सर्वजातीय भोजन-1930

सर्व हिंदू कैफ़े ( अखिल हिंदू उपहारगृह)- 1 मई 1933 (रत्नागिरी)

गणेशोंत्सव का सहभोजन-26-27 अगस्त 1936 — उपस्थित शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे के पिता प्रभोंधकर।

2 मार्च 1930 - नासिक सत्याग्रह ( अम्बेडकर)

22 फ़रवरी 1933 - अस्पृश्यता अवसान दिवस

“कोंकण के गांधी” ( गांधीवादी सीतारामपंत पटवर्धन या अप्पासाहेब पटवर्धन)

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केरल की वकील थान्या नाथन सी, देश की पहली दृष्टिबाधित महिला जज बनने जा रही हैं। उनका न्यायाधीश बनना केरल ही नहीं, भारत के न्यायिक इतिहास में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

हाल ही में आयोजित सिविल जज (जूनियर डिवीजन) परीक्षा में, उन्होंने Benchmark disabilities वाले उम्मीदवारों में प्रथम स्थान हासिल किया।
पूर्ण रूप से दृष्टिबाधित होने के बावजूद, अपने दृढ़ संकल्प और बुद्धिमत्ता से सभी बाधाओं को पार किया है।

24 वर्षीय थान्या ने Kannur University से LLB की पढ़ाई की, जहाँ उन्होंने प्रथम रैंक हासिल की थी। न्यायाधीश बनने से पहले, उन्होंने कन्नूर के तालीपरंबा में वकील के.जी. सुनीलकुमार के अधीन एक जूनियर वकील के रूप में अभ्यास शुरू किया था।

अपनी पढ़ाई के दौरान उन्होंने Braille script और आधुनिक तकनीक जैसे स्क्रीन-रीडिंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया।

वकालत के दौरान वह अपनी दलीलें और नोट्स ब्रेल लिपि में तैयार करती थीं। हालांकि उन्हें लगता है कि पुराने हस्तलिखित दस्तावेजों को पढ़ना एक चुनौती हो सकती है, लेकिन वह इसे तकनीक और अनुभव से सुलझाने के लिए आश्वस्त हैं।

उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने सीनियर्स के प्रोत्साहन और सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले को दिया जिसने दिव्यांगों के लिए न्यायपालिका के दरवाजे पूरी तरह से खोल दिए।

थान्या नाथन की यह नियुक्ति केरल की न्यायपालिका के लिए भी एक नई शुरुआत है, क्योंकि अब अदालतों के Infrastructure को दिव्यांगजनों के अनुकूल और सुलभ बनाने पर ज़्यादा ध्यान दिया जाएगा।

यह उपलब्धि केवल उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा है।

#AcharyaPrashant #WomenEmpowerment #GetInspired #History #CurrentAffairs

Posted by Hina on Acharya Prashant's Gita Mission App.

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लोगों की योग्यता, पद या ओहदे को जाने बिना भी उनका सम्मान करने की आदत डालें,

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Forwarded from _ॐ_ 🔱
अकबर द्वारा चन्द्रसेन के विरुद्ध भेजे गए अभियान:
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1. हुसैन कुली खाँ - (सर्वप्रथम 1564 ई. में भेजा गया)

2. रायसिंह राठौड़ (बीकानेर) - 1572 से 1574 ई. तक जोधपुर का प्रशासक

3. जलाल खाँ - 1573 ई. में (यह मारा गया था)

4. शाहबाज खाँ - सिवाणा पर अधिकार कर लिया।

5. पाइन्दा खाँ व कासिम खाँ - 1580 ई. में

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जो परीक्षा छह महीने की माँग करती है,🎯
उसे दो महीने की औपचारिकता से नहीं जीता जा सकता ❌
सफलता उनसे नहीं डरती जो अभी से शुरू करते हैं,
डरती है उनसे जो आख़िरी वक़्त पर जागते हैं।
किताबें परीक्षा से दो महीने पहले नहीं,📖
आज खोलनी होती हैं—
क्योंकि तैयारी कोई तात्कालिक उपाय नहीं,
यह निरंतर साधना है।
अगर सच में एग्जाम क्लियर करना है,
तो बहाने छोड़ो,
और आज से पढ़ना शुरू करो—
वरना कल फिर यही शिकायत होगी
“पेपर तो मुश्किल था।”📖✍️
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No Document No History pinned «जो परीक्षा छह महीने की माँग करती है,🎯 उसे दो महीने की औपचारिकता से नहीं जीता जा सकता ❌ सफलता उनसे नहीं डरती जो अभी से शुरू करते हैं, डरती है उनसे जो आख़िरी वक़्त पर जागते हैं। किताबें परीक्षा से दो महीने पहले नहीं,📖 आज खोलनी होती हैं— क्योंकि तैयारी कोई तात्कालिक…»
Khan sir history book 6000+ facts .pdf
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🔺अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के सम्पन्न वर्गो को आरक्षण की श्रेणी से बाहर करने के लिये सुप्रीम कोर्ट ने माँगा केंद्र सरकार से जवाब

1 अगस्त 2024 के ऐतिहासिक फैसले का दिया हवाला
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